Tuesday, 21 February 2017

आज से पहले..

#YQdidi Follow my writings on http://www.yourquote.in/aparna-jha-w03/quotes/ #yourquote

राजनीति

#will you please Follow my writings on http://www.yourquote.in/aparna-jha-w03/quotes/ #yourquote

Friday, 17 February 2017

समा

चले आते हैं कातिल भी दुनियाँ में
दोस्ती की रस्म निभाने को ,
तुम इश्क की शमा जलाये रखना .
@Ajha.18.01.17

मेरी सोच का सूर्य

मेरी सोच का सूर्य"
-----------------------
"शुभ संध्या रौशन भाई"
"अरे आप! कहाँ थे इतने दिनों तक...नवीनजी,शुभ संध्या आपको भी."☺
" आपका पार्क में आना,घंटो प्रकृति को निहारना और कैनवास पर उतारना, पूर्णतः प्रकृति एवं कैनवास को समर्पित आप और बालकनी से निहारती मैं आपको मैं आपको समर्पित हूँ। "नवीन जी ने रौशन जी से कहा

" इधर दो चार दिनों से देख रहा हूँ कि पार्क में आपके साथ ना ही कैनवास होता हैं ना ही तूलिका और ना ही प्रकृति को आप उस रूप में निहार रहे होते हैं।अजीब सी मायूसी हर वक्त मुझे आपकी सूरत में दिख पड़ती है ?"
" बिलकुल सही कह रहे हैं रौशन भाई , जब मैं रोजगार के कामों में उलझा रथा तब ना जाने कैसे मेरी तूलिका मेरा साथ देती थी.'सूर्य' जिससे मैं ताउम्र आकर्षित रहा,कितनी ही चित्रकारियाँ कर डाली , और खुद को हमेशा यही दिलासा देता रहा कि गृहस्थ जीवन से निवृत हो अपनी चित्रकारी पर सारा समय दूंगा. 'सूर्य' को तूलिका की परवाज़ दूंगा,इंद्रधनुषी रंग दूंगा ,इसके तेज़ में चार चांद लगाऊंगा।
पर आज, मेरी सोच को ना जाने क्या हो गया ! ना जाने मुझे ऐसा क्यों लग रहा की सूर्य अब बूढा हो गया है.
इधर कई दिनों से मेरे दिमाग और दिल में एक युद्ध सा छिड़ गया हैं ।दिमाग कहता है सूर्य अब बूढा हो गया है और दिल इस बात को मानने को तैयार नहीं.मैं ने भी अभी हार नहीं मानी और अपने दिल की ही सुन रहा हूँ.बस बूढ़े सूर्य को जवां करने की सोच खुद में ला रहा हूँ और प्रण भी यही लिया है कि तभी अपने तूलिका और कैनवास को हाथ लगाऊंगा."
आज मैं भी उसी पार्क में रौनक जी के समीप बैठी उनकी बातें सुन रही थी.सोच रही थी की काश रौनक जी को अपने अक्स की तलाश मिल जाय ,ताकि फिर से उनका मन अस्ताचलगामी सूर्य में उसकी सुंदरता देखे ना की बूढा होता हुआ.

@Ajha.10.02.17

तुम्ही तो है

"तुम्ही तो हो......"

तुमसे मिलना जीवन मिलना
तुम ही मेरे जीवन का आधार सखि

जीवन देखा ,प्यार मिला ,है तुझ पर
मेरा अधिकार ,तुम्ही मेरा घर-बार सखि

मेरे नैना ,कैसे नैना स्वप्न तुम्हारे ही देखे हैं
नैनो की तुम ज्योति, तुम्ही मेरा संसार सखि

सोच तेरी मन में मेरे शीतल जल सा,अमृत
जल सा,मैं नदिया तूँ है मेरा धार सखि

धूप है तीखी झुलस रहा सर्वस्व,तेरा होना
छाँव वृक्ष की और उसके पर प्रहार सखि

तुफानो में डूब रही थी  मेरी नैया,ले हाथों
में पतवार, तुम्ही तो थे मेरे खेवनहार सखि

माया मोह है दुनिया,ठगों से भरी पड़ी
झंझावातों से भरे मन का तुम्ही तो सरकार सखि

मेरी आदत तेरी आदत मुझको है स्वीकार
तूँ ही तो हो मेरा अलंकार सखि

ख्वाब मेरे तुम ,चाह मेरे तुम ,तुम से है सरोकार
बसे हुए हो मन में मेरे ,जीवन का है तूँ सार सखि.
@Ajha.10.02.17
©अपर्णा झा.

My love

Maiden effort in english poetry writing😊😊😊

"My Love"
-----------------
Love is in the air
can feel it here and
there

what an atmospheric sphere!
green woods and the morning air

Sun rise , the temple bells, chirping of birds ,are
like celebrations everywhere

mustered flowers in the fields
expressing the welcome of the season spring

whispering of cool morning air
defines how much do you care

morning dews small like infinitum
I can measure  your love even in that horizon

the high mountains standing in
one position
shows your determination

the sound of water falls,expressing your love all in all

I know the way you love,your unending expectations,insecurities and the fear

Sometimes make me puzzled
Sometimes l get disheartened

Trying to win your love
Some times l feel depressed

But you have qualities which inspires motivate me
to love you again and again

Your presence, your patience,
Your  art of love
O God ! Here l am, here I am

You have gifted me, my love
As a loving, lucky mascot.
@Ajha.13.02.17
©Aparna Jha.

खुश रहने का सबब

खुश रहने का सबब था
चाँद तारों को निहारना
वो बागों की खुशबू ए गुल में
तुझे ही तलाशना
रंगे हिना प्यारी थी बहुत
कोयल की कूक में
तेरी सदाओं को सोचना
हलकी सी जो हवाओं का झोंका हुआ
कंपन हुई ,एक अनजान सा डर
एक आहट, क्यों हुआ ये दिल आहत
बहुत मुश्किल से गुजरी है रात
यारब
चुपके से किसी ने
ज़माने की बात कर दी
है फिर से.
@Ajha.16.02.17